किसान आन्दोलन के समर्थन में सडकों पर उतरे कांग्रेसी नेता, विभिन्न प्रखंडों में दिया धरना

केद्र सरकार द्वारा नये कृषि कानून के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के नेता सडकों पर उतरे.शनिवार को महानगर कांग्रेस कमेटी ने विभिन्न प्रखंडों में धरना प्रदर्शन कर विरोध दर्ज किया। इस क्रम में रातू रोड प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा हेहल अंचल में मोराबादी एवं बरियातू प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा बड़गाई अंचल,नामकुम प्रखंड कांग्रेस कमेटी द्वारा नामकुम प्रखंड कार्यालय में तथा हटिया, हिनू, जगन्नाथपुर, धुर्वा प्रखंड द्वारा संयुक्त रुप से बिरसा चौक पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। बिरसा चौक पर आयोजित धरना कार्यक्रम का नेतृत्व महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय पांडे द्वारा किया गया। इस क्रम में अपने संबोधन में संजय पांडे ने कहा कि अपने हक की बात करने वाले किसानों पर केंद्र सरकार ने जिस तरह से दमनकारी नीति का प्रयोग करते हुए लाठियों की बौछार की है वह आने वाले समय में मोदी और भाजपा नेताओं को भारी पड़ेगा। श्री पांडे ने कहा कि जिस तरह से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ देश की आम जनता ने एकजुट होकर मोदी की नीतियों का विरोध किया था और जनता के विरोध के बाद भूमि अधिग्रहण बिल वापस लेना पड़ा था उसी तरह आज आम जनता देश के किसानों के साथ खड़ी है और हर हाल में मोदी सरकार द्वारा पास किए गए तीन काले कृषि कानूनों को केंद्र सरकार को वापस लेना होगा, जोर- जबरदस्ती और वाटर कैनन तथा लाठियों की बौछार से आम जनता को डराया नहीं जा सकता मोदी और उनके उद्योगपति मित्र इन कानूनों के खिलाफ उमड़े जनसैलाब को देखकर हतप्रभ है और आनन-फानन में किसानों पर बल प्रयोग कर आंदोलन को दबाने की नाकाम कोशिश की जा रही है परंतु मोदी की हिटलर शाही नीति देश की जनता पर चलने वाली नहीं है।
इस मौके पर विशिष्ट रूप से उपस्थित विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि देश के अन्नदाता के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा जिस तरह से तीन काले कृषि कानूनों को पास किया गया है उसे यह साबित हो चुका है कि मोदी अपने मित्र औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने हेतु किसी भी स्तर पर जा सकते हैं।स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जनता ने ऐसी सरकार देखी है जो जनता के हितों के लिए फैसले ना लेकर औद्योगिक घरानों के हितों को ध्यान में रखकर फैसले लेती है और उनके मन मुताबिक कानूनों में बदलाव करती है, पूरे विश्व पटल पर भारत एक कृषि प्रधान देश के रूप में जाना जाता है और कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है परंतु देश के अन्नदाताओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की जगह मोदी और उनके चाटुकार नेता गण औद्योगिक घरानों को आर्थिक संबल प्रदान करने में लगे हैं। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात बड़गाई अंचल,हेहल अंचल नामकुम प्रखंड में प्रतिनिधि मंडल द्वारा किसानों के समर्थन में मांग पत्र सौंपा गया।
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में बिरसा चौक पर मुख्य रूप से कमल ठाकुर, गौतम उपाध्याय, रंजन यादव, पीकलू चटर्जी, काजल भट्टाचार्य, शत्रुघ्न सिन्हा, अजय सिंह, युवराज सिंह, परमेश्वर सिंह, विशाल सिंह, इंद्रजीत सिंह ,आकाश आनंद ,विकी कुमार, चंदन सिंह, मेरी तिर्की,आरुषि वंदना,साहिल, लालू यादव उपस्थित थे। हेहल अंचल में दीपक ओझा, संतोष सिंह बड़गाई अंचल में कुमार रोशन, महेश कुमार मनीष,अमित मुंडा नामकुम प्रखंड में रंजीत बड़ाईक के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया।

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