कांग्रेस नेता केशव महतो कमलेश ने ग्रामीण विकास मंत्री को लिखा पत्र, सोनाहातु प्रखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की जांच की मांग की

झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने झारखण्ड के ग्रामीण विकास कार्य मंत्री माननीय आलमगीर आलम को पत्र लिखकर राॅंची जिलान्तर्गत सोनाहातु प्रखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क च्डळैल्.प्प् योजनान्तर्गत बांकू-पंडाडीह भाया बारेडीह, चोकाहातु, 8.75 कि.मी. पथ के घटिया निर्माण एवं अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
श्री कमलेश ने अपने पत्र में लिखा है कि बांकू-पंडाडीह भाया बारेडीह, चोकाहातु बहुत हीं महत्वपूर्ण एवं व्यस्ततम पथ है, जो सोनाहातु प्रखण्ड के 7 पंचायतों को प्रखण्ड मुख्यालय से जोड़ती है। करीब एक वर्ष पूर्व इस पथ का शिलान्यास किया गया था, पर अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है और संवेदक द्वारा निर्माण कार्य में गुणवत्ता का बिल्कुल अभाव लगता है। इसमें बहुत सारी अनियमितताएं भी बरती जा रही है। मानक प्राक्कलन के अनुसार काम नहीं किया जा रहा है। सबसे जरूरी बात यह है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता का बिल्कुल अभाव है। सड़क निर्माण के शिलान्यास के अवसर पर सिर्फ शिलान्यासकर्ता एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का शिलापट्ट लगाया गया। शिलापट्ट में उक्त पथ निर्माण से संबंधित किसी प्रकार की आवश्यक सूचना नहीं दर्शाई गई है। जैसे – पथ निर्माण की प्राक्कलित राशि, कार्य प्रारम्भ की तिथि, कार्य समापन की तिथि, मजदूरी दर, संवेदक का नाम, च्डळैल् योजना से संबंधित निर्देशिका। फलतः आम ग्रामीणों को सरकार द्वारा दी गयी सुविधा की जानकारी नहीं हो पा रही है।
सड़क निर्माण कार्य में लगे कुशल मजदूरों का झारखण्ड सरकार श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा निर्धारित दैनिक मजदूरी दर निम्नलिखित हैंः-
क्रमांक श्रेणी दैनिक मजदूरी कुल दैनिक न्यूनतम मजदूरी
न्यूनतम मजदूरी की मूल दर परिवत्र्तनशील मंहगाई भत्ता (टक्।)
पर उक्त कार्य में कार्यरत पुरूष मजदूरों को रू. 230/- एवं महिलाओं को रू. 200/- की दर से मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, जो श्रमिक विभाग की अधिसूचना का उल्लंघन है। बहुत से मजदूरों को मजदूरी का भी भुगतान नहीं हुआ है, जिससे उन्हें काफी आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। साथ हीं साथ कार्य स्थल पर च्डळैल् योजना के तहत पानी, सत्तू आदि की भी व्यवस्था संवेदक को करनी है, जो नहीं हो रहा है।
पीसीसी पथ निर्माण में बालू और गिट्टी की मात्रा बहुत अधिक रहती है एवं सीमेन्ट की मात्रा कम। पीसीसी का मोटाई भी मानक प्राक्कलन के आधार पर नहीं है, मात्र 6 फीट है और किनारे-किनारे जो 2 फीट 4 इंच सड़क की चैड़ाई को बढ़ाया जा रहा है, जिसमें खुदाई भी ठीक से नहीं होती है और डस्ट की मात्रा अधिक तथा चिप्स की मात्र कम देकर ढलाई कर दिया जाता है, जिससे गुणवत्ता का पूर्ण अभाव झलकता है। चोकाहातु गांव के समीप जो गार्डवाल बन रहा है, वहां 40 कढ़ाई बालू और एक बोरा सीमेन्ट दिया जा रहा है। प्राक्कलन के आधार पर गार्डवाल की चैड़ाई भी कम की जा रही है। 10 फीट विद्यमान सड़क के दोनो किनारे 2 फीट 4 इंच चैड़ा करना है। चोकाहातु-पण्डाडीह के बीच जहां पुलिया की आवश्यकता नहीं है, वहां पुलिया बनाया जा रहा है और जहां वास्तव में पानी आर-पार के लिए पुलिया/कलभट की आवश्यकता है, वहां नहीं बनाया जा रहा है। कई जगहों पर गड्डा कोड़कर छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी असुविधा होती है।
ज्ञातव्य है कि उक्त संवेदक द्वारा पूर्व में चोकाहातु-सावडीह-पपरीदा- तिलाईपीड़ी-बांधडीह, चोकाहातु-सितुमडीह, सोसोडीह-रानाडीह, बारेडीह-डोमाडीह होते हुए सिल्ली-रंगामाटी रोड तक एवं सिल्ली-रंगामाटी रोड से स्वर्णरेखा नदी डागडुंग पुल तक का कार्य किया गया है, जिसमें भी गुणवत्ता का अभाव रहा है।
श्री कमलेश ने अनुरोध किया है कि रांची जिला अंतर्गत सोनाहातु प्रखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क च्डळैल्.प्प् योजनान्तर्गत बांकू-पंडाडीह भाया बारेडीह, चोकाहातु, 8.75 कि.मी. पथ के घटिया निर्माण एवं अनियमितता की जाॅंच उच्च स्तरीय समिति द्वारा कराया जाय।

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