औरंगाबाद में सुरक्षा बलों ने बम को किया डिफ्यूज

सुरक्षाबलों ने दो आईईडी बरामद कर नक्सलियों की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली संगठनों ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है। इसके बावजूद पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर बुधवार सुबह सात बजे से मतदान जारी है। इनमें 35 विधानसभा सीटें नक्सल प्रभावित हैं।

इसी बीचस औरंगाबाद के ढिबरा थाना क्षेत्र में बुधवार को सीआरपीएफ की 153 बटालियन ने आईईडी (इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक डिवाइस) बरामद किया। यहां पुल के नीचे दोनों बम लगाए गए थे, लेकिन सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) ने वक्त रहते इन्हें देखा और डिफ्यूज़ कर दिया। औरंगाबाद एसपी सुधीर पोरिका ने बताया कि अगर यह विस्फोट कर जाता तो भारी नुकसान होता। नक्सली बम विस्फोट कर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। ये दोनों बम ढिबरा थाना क्षेत्र के बालूगंज बरंडा रोड पर एक पुल के नीचे लगाये गये थे, लेकिन नक्सलियों के मंसूबों को एक बार फिर सीआरपीएफ ने ध्वस्त कर दिया। बम बरामद होने के बावजूद लोगों में मतदान करने का उत्साह कम नहीं हुआ है और पोलिंग बूथ पर लगातार मतदाता पहुंच रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि पहले चरण की 71 सीटों में से 35 विधानसभा क्षेत्र नक्सल प्रभावित हैं। पहले चरण की 71 सीटों में से 35 नक्सल प्रभावित हैं। जिन क्षेत्रों को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया है उनमें कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढ़ा, मसौढ़ी, पालीगंज, चैनपुर, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटूंबा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरुआ, कुर्था, अरवल, घोसी, जहानाबाद, मखदुमपुर, शेरघाटी, इमागंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, गोविंदपुर, रजौली, सिकंदरा, जमुई, झाझा और चकाई शामिल हैं। सभी बूथों पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। बिहार में तीन फेज में वोटिंग होनी है। आज पहले फेज में 01 हजार 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 952 पुरुष और 114 महिलाएं हैं। दूसरे फेज की वोटिंग 03 नवम्बर और तीसरे फेज की वोटिंग 07 नवम्बर को होगी। नतीजे 10 नवम्बर को आएंगे।

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