इसरो ने कहा है कि चंद्रयान-2 ने अपने मिशन का 95 फीसदी लक्ष्य हासिल किया

मिशन चंद्रयान.2 को लेकर इसरो ने बड़ा बयान दिया हैण् इसरो ने कहा है कि चंद्रयान.2 ने अपने मिशन का 95 फीसदी लक्ष्य हासिल किया हैण् इसरो ने कहा है कि चंद्रयान.2 के साथ गया ऑर्बिटर अपनी कक्षा में स्थापित हो चुका है और ये अगले 7 साल तक काम कर सकता हैण् पहले एक साल तक ही इसके काम करने की गुंजाइश थीण् इसरो ने कहा कि चंद्रयान.2 बेहद जटिल मिशन थाए जो कि इसरो के पिछले मिशन की तुलना में तकनीकी रूप से बेहद उच्च कोटि का थाण् इस मिशन में ऑर्बिटरए लैंडर और रोवर को एक साथ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की जानकारी लेने के लिए भेजा गया थाण्

इसरो ने कहा कि 22 जुलाई 2019 को चंद्रयान की लॉन्चिंग के बाद से ही न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने बड़ी उम्मीद के साथ इसकी प्रगति को देखाण् इसरो ने बताया कि ये मिशन इस रूप में अपने आप में अनूठा कि इसका मकसद न सिर्फ चांद के एक पक्ष को देखना था बल्कि इसका उद्देश्य चांद के सतह ;ेनतंिबमद्धए सतह के आगे के हिस्से ;ैनइ ेनतंिबमद्ध और बाहरी वातावरण ;म्गवेचीमतमद्ध का अध्ययन करना थाण्इसरो के मुताबिक ऑर्बिटर को इसकी कक्षा में स्थापित किया जा चुका है और ये चांद की परिक्रमा कर रहा हैण् इसरो का कहना है कि ऑर्बिटर से मिलने वाले आंकड़ों से चांद की उत्पतिए इसपर मौजूद खनिज और जल के अणुओं की जानकारी मिलेगीण् इसरो ने बताया कि ऑर्बिटर में उच्च तकनीक के 8 वैज्ञानिक उपकरण लगे हुए हैंण् ऑर्बिटर में लगा कैमरा चांद के मिशन पर गए सभी अभियानों में अबतक का सबसे ज्यादा रेजूलेशन का हैण् इस कैमरे से आने वाली तस्वीर उच्च स्तर की होगी और दुनिया वैज्ञानिक बिरादरी इसका फायदा उठा सकेगीण् इसरो का कहना है कि ऑर्बिटर की पहले के अनुमान से ज्यादा 7 साल तक काम करने में सक्षम हो सकेगाण्

विक्रम लैंडर की जानकारी देते हुए इसरो ने कहा कि लैंडिंग के दौरान विक्रम अपने निर्धारित रास्ते पर ही थाए लेकिन चंद्रमा की सतह से मात्र 2 किलोमीटर पहले इसका कंट्रोल रुम से संपर्क टूट गयाण् इसरो का कहना है कि 2 किलोमीटर से पहले तक विक्रम लैंडर का पूरा सिस्टम और सेंसर शानदार तरीके से काम कर रहा थाण् इस दौरान कई नई तकनीक जैसे कि अंतपंइसम जीतनेज चतवचनसेपवद ठीक काम भी कर रहा थाण् इसरो ने कहा कि चंद्रयान के हर चरण के लिए सफलता का मापदंड निर्धारित किया गया था और अब तक 90 से 95 प्रतिशत तक मिशन के लक्ष्य को हासिल करने में सफलता मिली हैण् इसरो का कहना है कि हालांकि लैंडर से अबतक संपर्क स्थापित नहीं हो सकता है कि लेकिन चंद्रयान.2 चंद्र विज्ञान में अपना योगदान देता रहेगाण्

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *