आनेवाला चनाव विचारधारा की लड़ाई : राहुल

लोकसभा चुनावों के पहले सभी पार्टियां अपना पूरा जोर लगा रही हैं और इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चेन्नै में स्टूडेंट्स के बीच पहुंचे। स्टूडेंट्स के साथ बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष अलग अंदाज में नजर आए। जींस और टीशर्ट में पहुंचे राहुल ने प्रश्न पूछनेवाली छात्राओं से राहुल सर की जगह पर सीधे राहुल से संबोधित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आनेवाला चनाव विचारधारा की लड़ाई है। यह बांटने की नीति के खिलाफ जोड़ने की नीति की लड़ाई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस दौरान दक्षिण भारत में महिलाओं की स्थिति की तारीफ कर खूब तालियां भी बटोरी। रॉबर्ट वाड्रा पर पूछे सवाल में उन्होंने कहा, ‘उनके बारे में क्या? कानून सबके लिए समान है और सरकार को इस पर फैसला लेने का अधिकार है।
छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में राहुल गांधी से एक छात्रा ने देश की महिलाओं की स्थिति पर सवाल पूछा। इसके जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘दक्षिण भारत में महिलाओं की स्थिति उत्तर भारत के राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार से बहुत बेहतर है। खास कर तमिलनाडु में महिलाओं की स्थिति अच्छी है।’ इस पर छात्राओं ने ताली बजाकर राहुल का स्वागत किया। राहुल ने महिला आरक्षण बिल पर मौजूदा सरकार को घेरा और कहा कि महिलाएं पुरुषों से अधिक स्मार्ट होती हैं।
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर राहुल गांधी ने स्टूडेंट्स से पूछा कि क्या नोटबंदी अच्छा फैसला था? क्या प्रधानमंत्री ने इस फैसले से पहले देश से राय ली? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘देश में भेदभाव से भरा और नेगेटिव माहौल हो तो आर्थिक वृद्धि नहीं हो सकती। अगर हमारी सरकार सत्ता में आती है तो हम जीएसटी में सुधार करेंगे।’ राहुल ने इसके बाद पूछा कि क्या आपने अनिल अंबानी, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या का नाम सुना है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘आपके पैसे, आपके पैरंट्स के पैसे लेकर ये लोग भाग गए। बैंकों का काम है कि नए युवा उद्यमियों को बैंकों से लोन मिले ताकि वह अपना बिजनस शुरू करें। मैं दावा कर सकता हूं कि अगर आपको 30 लाख रुपये बैंक दे तो आप नीरव मोदी से अधिक जॉब देश के लिए क्रिएट कर सकते हैं।’
रॉबर्ट वाड्रा पर पूछे सवाल के जवाब में राहुल ने बेहद सख्त अंदाज में कहा ‘मिस्टर वाड्रा की जांच होनी चाहिए, मैं पहला इंसान हुूं जो यह कह रहा हूं। प्रधानमंत्री मोदी पर भी जांच होनी चाहिए। पीएम मोदी कभी रफाल पर नहीं बोलते। प्रधानमंत्री ने निजी तौर पर राफेल सौदे में अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया। उन्होंने एचएएल को हटाकर अनिल अंबानी को यह कॉन्ट्रैक्ट दिलाया। जेंटलमैन ने कहा था कि वह चौकीदार हैं तो इसकी शुरुआत खुद से करें। अपने खिलाफ भी जांच की अनुमति दें।’

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