आइ एम रेडी टू एनिथिंग : सुबोधकांत सहाय

झारखण्ड के लिए सुबोधकांत सहाय किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. रांची संसदीय सीट से कई टर्म से सांसद रहे सुबोधकांत केंद्र में भी कई विभागों के मंत्री रहे. सुबोधकांत सहाय मिशन 2019 के तहत रांची लोकसभा सीट को फतह करने के लिए पूरी तरह से आत्मविश्वास से लबरेज हैं. कांग्रेस अगर प्रदेश में किसी एक सीट की जीत के प्रति सबसे अधिक आश्वस्त है तो वो है रांची की सीट. चुनाव की व्यस्तता के बीच राजनीति गुरु के प्रमुख संवाददाता प्रेम किशोर ने सुबोधकांत से बात की और उनकी तैयारियों के विषय में जानना चाहा.

सुबोधकांत सहाय कहते हैं कि वह चुनाव पांच साल के लिए लड़ते हैं, बांकी लोगों की तरह 15 दिनों के लिए नहीं. 2014 के बाद 2019 कब आया, यह मुझे पता ही नहीं चला. क्योंकि हर सामाजिक,राजनीतिक संघर्ष सरकार के कारनामे, किसानों का हो चाहे आदिवासी मूलवासी का मुद्दा, जनता की समस्याओं के प्रति मैं हमेशा संजीदा रहा हूं और लगातार अपने साथी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संघर्ष करता रहा हूं. राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य में 19 लोगों की भूख से मौत हो गई. कांग्रेस की सरकार ने भोजन का अधिकार बिल पास कराया था, ताकि कोई गरीब भूख से नहीं मरे, उसे दो जून की रोटी मिले. हमारी लड़ाई हमेशा से किसानों के लिए रही है. उनको उनका हक दिलाना मेरा कर्तव्य है. रांची लोकसभा क्षेत्र की सभी जनता मेरे लिए परिवार के समान है. रांची के अगल-बगल के किसानों की लड़ाई मैं लड़ता रहा हूं.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय का मानना है कि इस बार लोकसभा चुनाव बहुत ही दिलचस्प होने वाला है. जनता भाजपा प्रत्याशी को गांव घुसने नहीं दे रही है. मैदान मैं कोई भी होगा मैं मुकाबला के लिए तैयार हूं. भाजपा को इस बार जनता पूरी तरह से नकारने का काम करेगी. जनता से किये गये वादे को निभाने में भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल रही है.भाजपा ने 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार में जनता से बड़े- बड़े वादे किये थे. अच्छे दिन, सभी के खाते में 15-15 लाख रुपये, हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार सहित कई लुभावने वादे कर जनता का वोट लिया था. लेकिन सरकार बनते ही मोदी सरकार पूंजीपतियों की गोद में जाकर बैठ गयी. जनता को भगवान भरोसे छोड़ गये. जनता के पैसों से सिर्फ विदेशों का भ्रमण करते रहे. जनता इनसब चीजों को देख ली है और आने वाले चुनाव में इसका हिसाब जमकर लेगी.

श्री सहाय ने कहा कि देश में पहली बार एक तानाशाही सरकार स्थापित हो गई है. देखते- देखते चार सुप्रीम कोर्ट के जज आकर एक मंच पर कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया और कहा कि बैंक लूटा जा रहा है. संवेधानिक संस्थानों का मजाक बना कर रख दिया है. इलेक्शन पर आये दिन प्रश्न चिन्ह लगता है. सीबीआइ को कुत्ता बिल्ली की तरह ट्रीट किया जाता है. सभी चीजों में पैसे की लूट मची हुई है. पांच साल में समाज को बांटने और तनाव फैलाने की कोशिश की गयी. करीब 500 लोगों की हत्या हुई है. आर्थिक क्षेत्र में सबसे बड़ा लूट नोटबंदी हुआ. जिसमे 99.99 फीसद रूपये बैंकों में जमा हो गये. तो फिर कालाधन कहाँ गया. यह कहा जाना कि ब्लैक मनी है तो पूंजीपतियों के रुपये को बैंक में उजला करा दिया गया. दस सालों में कांग्रेस सरकार में डॉ मनमोहन सिंह ने देश के खजाने को लबालब भरा था. बाहर देश के लोग इंडिया की तारीफ़ करते थे. लेकिन मोदी ने इसे खाली कर दिया. जनता का सारा पैसा कार्पोरेट घराने को दे दिया.

सुबोधकांत सहाय ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पूरी दुनिया घूम चके हैं मोदी और उनके जमूरे रघुवर दास तो किसी लायक भी नहीं है. इनलोगों ने मिलकर हमारे हजारों करोड़ रुपए पानी में बहा दिये हैं. यह पैसा देश की जनता का था. जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी. आज जो गरीबो की स्थिति है, उसके जिम्मेदार मोदी हैं. इसलिए राहुल गांधी ने देश के 30 फीसद सबसे गरीब परिवार के महिला सदस्यों के खाते में 72 हजार रूपये देने का वादा किया है. ताकि वे भी समाज के अन्य लोगों के बराबर में खड़े रह सकें. राज्य में भोजन का अधिकार कानून लागू नहीं होने के कारण 19 लोग अबतक भूखे मर चुके हैं. यह सरकार की लापरवाही है.

इन्होंने कहा कि झारखण्ड में सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है. इसे दूर करने में रघुवर सरकार नाकाम रही है. राज्य सरकार की सिर्फ यहां की जमीन पर नजर रहती है, जो पूंजीपतियों को दे सकें. साथ ही देश के पूंजीपतियों की नजर झारखण्ड की जमीन पर है. रघुवर सरकार ने आदिवासियों की जमीन को कौड़ी के भाव में कार्पोरेट घराने को देने का काम किया है. सुबोधकांत सहाय ने कहा कि झारखंड में  जल, जंगल और जमीन की लूट हो रही है. लैंड बैंक के नाम पर पूंजीपतियों को जमीन दे दिया गया है.

मोदी के मैं भी चौकीदार के नारे पर इन्होने कहा कि यह चौकीदार चौर है. भीड़ में छुपने वाला है. हमारे साथ ईमानदार चौकीदार हैं. देश इस बार ईमानदार चौकीदार के साथ है और भाजपा तथा मोदी के जुमलों की हवा जनता निकाल देगी. मुल्क सच और जुमलों का फर्क समझता है.

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