अर्जुन मुंडा इज द बेस्ट : लालचंद महतो

पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालचंद महतो ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा किया है। रघुवर दास काम कर रहे हैं लेकिन उनके काम जमीन पर नहीं उतर रहे। जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार जोर-शोर से चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि की जो योजनाएं हैं वे अच्छी हैं लेकिन सभी योजनाओं में 40 से 50 फ़ीसदी तक रिश्वत ली जा रही है। ब्लॉक से अंचल तक यही हालात है लोग स्थानीय प्रमाण पत्र लेने के लिए हजार –दो हजार तक दे रहे हैं। भ्रष्टाचार का तांडव पूरे राज्य में चल रहा है अधिकारियों पर कोई एक्शन नहीं होता।

श्री महतो ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में ग्रामीण स्तर में काफी परेशानी है। मैं जब मंत्री था, उस वक्त अधिकारियों का यदि कंप्लेन आता था तो तुरंत एक्शन होता था। अब स्थिति ये है कि कंप्लेन करने के बाद भी कोई एक्शन नहीं हो रहा है राजनीतिक कार्यकर्ता लाचार हो गए हैं। सरकार इन बातों पर गौर नहीं कर रही है कार्यकर्ता हैं तो ही पार्टी है।
उन्होंने कहा कि 2019 के विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम की उम्मीद नहीं है क्योंकि दो से तीन फैसले ऐसे ले लिए गए हैं जिससे जनता के बीच अविश्वास बढ़ा है सीएनटी-एसपीटी का मामला हो, स्थानीयता का या फिर गैर मजरुआ जमीन का। सरकार अगर इन सब पर विचार नहीं करेगी तो बीजेपी का प्रदर्शन बेहद खराब होगा। झारखंड में पिछड़ों की 56 फ़ीसदी आबादी है लेकिन पिछड़े नाराज चल रहे हैं 27 परसेंट आरक्षण पहले था अभी 14 फ़ीसदी कर दिया गया है जबकि आरक्षण का यह मुद्दा बीजेपी के चुनाव के वक्त रखा था। सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। कई बार पार्टी फोरम में भी बातों को उठाया लेकिन उसका कोई फायदा नहीं। विपक्ष की एकजुटता के सवाल पर उन्होंने कहा कि विपक्ष यदि एक होगा तो बीजेपी को निश्चित तौर पर कड़ा मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि अभी बीजेपी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वहीं एक सवाल के जवाब में कहा कि अर्जुन मुंडा बेहतर या रघुवर दास इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा अर्जुन मुंडा इज द बेस्ट, अर्जुन मुंडा के समय में चीजें बेहतर थीं वे पार्टी हित की बात करते थे लेकिन रघुवर दास के समय में लीडरशिप नहीं है झारखंड के सारे मंत्री रो रहे हैं किसी मंत्री का कुछ भी नहीं चल रहा है। सभी जगह सचिव हावी हैं अगर यही हाल रहा तो बीजेपी का भगवान ही मालिक है। मेरा मानना है कि बीजेपी एक बड़ी पार्टी है उसे अपनी स्ट्रेटेजी को सही करने की जरूरत है।

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