अब जनसाधारण राजनीति करेगा, उमाकांत को अपने विचारों से मजबूत कीजिए : सुदेश महतो

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा कि अब जनसाधारण सिर्फ मतदान नहीं करेगा, वही राजनीति करेगा। जिसे जनसाधारण चुनेगा वह सिर्फ सेवक का काम करेगा। हमने चूल्हा प्रमुखों को यह जिम्मेदारी दी है। आपका महत्व बड़ा कर दिया है। पार्टी में पदाधिकारी तो कोई भी बन सकता है, लेकिन चूल्हा प्रमुख और साधारण कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी की रणनीति को सफल करने वाला ही हमारे लिए सबसे बड़ा पदाधिकारी होगा।  इसलिए अपने फैसले और विचार से उमाकांत को इस चुनाव में मजबूत कीजिए।
आज चंदनकियारी में पार्टी के चूल्हा प्रमुखों के सम्मेलन में आजसू अध्यक्ष ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि हमने राजनीति की परिपाटी बदलने की कोशिशें तेज की है। इसे हमारा साहस करें या गुस्ताखी। हम लगातार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जा रहे हैं। चूल्हा प्रमुखों और कार्यकर्ताओं की लामबंदी देखकर उत्साह और बदलाव का वातावरण बनता दिख रहा है।
श्री महतो ने कहा कि वोट शब्द के बदले हम मतदान शब्द को प्रमुखता दे। यानी मत देना। मत का मतलब अपना विचार और फैसला देना। जब आम आदमी अपना विचार और फैसला सुनाएगा, तो वह ज्यादा प्रभावी होगा। आप जिसके लिए मतदान करें, उसे यह अहसास हो कि आपने विचार और फैसला दिया है। वोट तो सिर्फ एक होता है। फैसला और विचार का व्यापक दायरा होता है।  
उन्होंने कहा कि चंदनकियारी की यह लामबंदी एक दिन का परिणाम नहीं है। सब एक नई उम्मीद के साथ मेहनत में जुटे हैं। इस एकजुटता का मकसद यही हो कि गरीब गुरबों के जीवन में आमूलचूल बदलाव के लिए और लोकतंत्र में आम लोगों का विश्वास स्थापित करने के लिए राजनीति को अपने हाथों में लिया जाए।
आजसू प्रमुख ने कहा कि चूल्हा प्रमुख की जिम्मेदारी पांच से छह घरों के बीच पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता बनाने की है। यह रिश्ता सिर्फ चुनाव तक का नहीं होगा। अगले पांच साल के लिए होगा। उन पांच घरों को विकास की मुख्य धारा से कैसे जोड़े जाएं, उनका मत और विचार कैसे विधानसभा में गूंजे, यह हक और अधिकार चूल्हा प्रमुख का होगा। विधायक और सांसद उनकी हुक्म बजाएगा। सेवा करेगा। उमाकांत रजक आपकी अगुवाई कर रहे हैं, तो उनके हाथों को मजबूत कीजिए वे किसी का भी भरोसा नहीं तोड़ेंगे। इसकी गारंटी भी मैं लेता हूं।
श्री महतो ने कहा कि बारिश में भी चूल्हा प्रमुखों का उत्साह देखकर उन्हें बल मिलने लगा है। वे पहले पिछले महीने भी चंदनकियारी आए थे। आगे भी आएंगे। गांव-गांव जाएंगे, ताकि जान सकें कि चूल्हा प्रमुखों ने आम घरों-परिवारों से कितना गहरा नाता जोड़ा है। मेरा मकसद सिर्फ यह है कि एक-एक परिवार का राजनीति में दखल हो। वह सिर्फ वोटर नहीं कहलाये। जनमत देने वाला और निर्णाय फैसला लेने वाला कहलाये।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, बोकारो जिलाध्यक्ष दुर्गाचरण महतो इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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