अब जनमत और जीत का श्रेय नेता नहीं बूथ कार्यकर्ता और चूल्हा प्रमुख लेंगे- सुदेश महतो

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि अब जनमत जुटाने और जीत का श्रेय पार्टी के नेता नहीं बूथ के कार्यकर्ता औपर चूल्हा प्रमुख लेंगे। पार्टी नेतृत्व की नजरों में सबसे ज्यादा अहमियत चूल्हा प्रमुखों और बूथ के कार्यकर्ताओं की होगी। यही ढर्रा बदलने के  लिए वे निकले हैं और इस चुनाव में यह महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
आज गोमिया विधानसभा क्षेत्र के पेटरवार में चूल्हा प्रमुखों के सम्मेलन में सुदेश कुमार महतो ने ये बातें कही। इस सम्मेलन में गोमिया विधानसभा क्षेत्र के 341 बूथों के आठ हजार कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आजसू प्रमुख ने कहा कि अब पार्टी में समानता आधारित दायित्व निभाना होगा। एक नेता से ज्यादा गावों में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी को एक लाख 18 हजार वोट मिले थे। बूथ के कार्यकर्ताओं और चूल्हा प्रमुखों को यह जिम्मेदारी देते हैं कि हर घर और हर परिवार तक मेरा आभार वे पहुंचा दें।
श्री महतो ने कहा कि गिरिडीह संसदीय क्षेत्र से शानदार जीत और गोमिया में रिकॉर्ड वोट लाने के बाद भी बहुत काम करना है। लंबोदर महतो जी आपके नेता, विधायक होंगे. केवल यही लक्ष्य नहीं रखना है। हर वोट के साथ अरमान जुड़ा है. हर वोट का एक सपना है। उन अरमानों और सपनों को साकार करने की जवाबदेही हम सभी को लेनी होगी।
श्री महतो ने कहा कि चुनाव के जब कम वक्त बचते हैं, तो कार्यकर्ता दिन- रात एक करने लगते हैं। लाउडस्पीकर पर प्रचार तेज हो जाता है। झंडे- बैनर लहराये जाते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण होता है समय पूर्व हर रणनीति तथा तैयरियों को अंतिम रूप देना होगा।
श्री महतो ने कहा कि वोट शब्द के बदले हम मतदान शब्द को प्रमुखता दे। यानी मत देना। मत का मतलब अपना विचार और फैसला देना। जब आम आदमी अपना विचार और फैसला सुनाएगा, तो वह ज्यादा प्रभावी होगा। आप जिसके लिए मतदान करें, उसे यह अहसास हो कि आपने विचार और फैसला दिया है। वोट तो सिर्फ एक होता है। फैसला और विचार का व्यापक दायरा होता है।  
उन्होंने कहा कि गोमिया की यह लामबंदी एक दिन का परिणाम नहीं है। सब एक नई उम्मीद के साथ मेहनत में जुटे हैं। इस एकजुटता का मकसद यही हो कि घर- घर में पार्टी के विश्वास का झंडा गड़ जाए। लोगों के जीवन में आमूलचूल बदलाव के लिए कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता साबित हो जाए। लोकतंत्र में आम लोगों का विश्वास स्थापित करने के लिए राजनीति को अपने हाथों में लेना होगा। और इसके लिए ही हम बूथ कार्यकर्ता और चूल्हा प्रमुखों को अगली कतार की जिम्मेदारी देना चाहते हैं।
आजसू प्रमुख ने कहा कि चूल्हा प्रमुख की जिम्मेदारी 25 चुल्हों के बीच पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ता बनाने की है। यह रिश्ता सिर्फ चुनाव तक का नहीं होगा। अगले पांच साल के लिए होगा। उन 25 चुल्हों को विकास की मुख्य धारा से कैसे जोड़े जाएं, उनका मत और विचार कैसे विधानसभा में गूंजे, यह हक और अधिकार चूल्हा प्रमुख का होगा। विधायक और सांसद उनकी हुक्म बजाएगा। सेवा करेगा। लम्बोदर महतो आपकी अगुवाई कर रहे हैं, उनके हाथों को मजबूत कीजिए वे किसी का भी भरोसा नहीं तोड़ेंगे। ये विश्वास मैं आपको दिलाता हूं। 
लम्बोदर महतो ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष के सोच और विजन को पूरा करना ही मेरे जीवन का राजनीतिक लक्ष्य है। इनके हाथों को मजबूत करने के अभियान का मैं भी एक कार्यकर्ता हूँ। चुल्हा प्रमुख समागम को पार्टी प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने भी संबोधित किया।

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